नेतृत्व
नेतृत्व
  • पूर्णकालिक निदेशक
  • अंशकालिक सरकारी निदेशक
  • स्वतंत्र निदेशक
  • कंपनी सचिव
  • मुख्य कार्यपालक अधिकारी
श्री सी बी अनंत कृष्णन
निदेशक (वित्त) एवं मुख्य वित्त अधिकारी अतिरिक्त के साथ अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक का प्रभार


श्री सीबी अनंतकृष्णन का जन्म 29 अगस्त 1964 को हुआ तथा उन्हें 1 अगस्त, 2018 से हमारी कंपनी के निदेशक (वित्त) के रूप में नियुक्त किया गया । निदेशक (वित्त) के रूप में अपनी नियुक्ति से पहले, वे हमारे अधिशासी निदेशक (वित्त) के पद पर थे । इन्होंने इस कंपनी में 31 मार्च 2004 को मुख्य प्रबंधक (वित्त) के रूप में कार्यभार ग्रहण कर सेवा प्रारंभ की तथा विभिन्न पदों पर कार्य किया । इन्होंने  चेन्नई के लोयोला कॉलेज से वाणिज्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की, मद्रास विश्वविद्यालय से वित्त में एमबीए और वे कॉस्ट एवं मैनेजमेंट लेखाकार रहे । सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों में उनके पास व्यापारिक बैंकिंग, फार्मास्यूटिकल्स, उर्वरक, एयरोस्पेस उद्योग में स्टंट के साथ 30 से अधिक वर्षों का कार्य अनुभव है और हमारी कंपनी में विभिन्न पदों पर कार्य करते रहे हैं। वे एचएएल के तीन संयुक्त उद्यम बोर्ड में एचएएल के नामिती निदेशक भी हैं।
    
इन्होंने मार्च 2018 के दौरान एचएएल के प्रारंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव (आईपीओ) में सक्रिय भूमिका निभाई। मूल्य निर्धारण में व्यापक अनुभव होने के कारण, इन्होंने सशस्त्र बलों को 159 हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति सहित एचएएल के प्रमुख हेलीकॉप्टर अनुबंधों पर हस्ताक्षर करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी ।
 
श्री आलोक वर्मा
निदेशक (मानव संसाधन)
 
श्री आलोक वर्मा दिनांक 1 जनवरी 2020 से कंपनी के निदेशक (मानव संसाधन) के रूप में नियुक्त किए गए । निदेशक (मानव संसाधन) के रूप में इनकी नियुक्ति से पूर्व, वे एचएएल मुख्यालय में महाप्रबंधक (मानव संसाधन – कर्मचारी संबंध) के पद पर थे ।
 
श्री आलोक वर्मा ने पटना विश्वविद्यालय से विज्ञान में स्नातक डिग्री के साथ-साथ सोशल वर्क में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की है । इन्होंने जिवाजी विश्वविद्यालय से एलएलबी एवं पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय से कंप्यूटर अप्लिकेशंस में स्नातकोत्तर डिप्लोमा की डिग्री भी प्राप्त की है । श्री आलोक वर्मा ने वर्ष 2006 में मुख्य प्रबंधक (मानव संसाधन) के रूप में नासिक प्रभाग, जो एचएएल के कुछेक बड़े विनिर्माण प्रभाग हैं, उनमें कार्यभार ग्रहण किया । नासिक में इनके कार्यकाल के दौरान, इन्होंने एचएएल हैदराबाद के मानव संसाधन कार्यों को भी संभाला है, जिसमें इन्होंने कर्मचारी प्रबंधन संबंधों की छवि बदलने में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है । इनका प्रयास ऐसी प्रणालियों को विकसित करने में रहा है, जो ज्ञानार्जन संगठन एवं निष्पादन उन्मुखी संस्कृति को सृजित करें ।
 
हाल ही में, श्री आलोक वर्मा ने दिसंबर 2019 में यूनियन के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) के हस्ताक्षर सहित एचएएल प्रबंधन एवं मान्यता प्राप्त यूनियन के बीच वेतन संबंधी वार्ता को संपन्न करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभायी है । नवंबर 1987 में नेशनल फेर्टिलाइजर्स लिमिटेड में अपना कैरियर प्रारंभ करने के साथ-साथ, श्री वर्मा को मानव संसाधन कार्यों में तीस वर्षों का समृद्ध एवं व्यापक अनुभव प्राप्त है ।
 
इनके पास कंपनी के कोई शेयर नहीं है ।
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श्री जयदेव ई.पी.
निदेशक (प्रचालन)

श्री जयदेव ई.पी. ने विश्वेश्वरय्या कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक डिग्री प्राप्त की एवं आईआईटी मद्रास से एयरक्राफ्ट प्रोडक्शन इंजीनियंरिंग में मास्टर्स  किया ।
 
इन्होंने वर्ष 1987 में मैनेजमेंट ट्रेनी के रूप में हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) में कार्यभार ग्रहण किया तथा इनके पास विनिर्माण, एसेंब्ली, ओवरहॉल, उन्नयन, ग्राहक सहायता, स्वदेशीकरण एवं अन्य प्रबंधन कार्यों में लगभग 33 वर्षों का अनुभव है । इन्होंने ओवरहॉल प्रभाग, एयरक्राफ्ट प्रभाग, एलसीए तेजस प्रभाग एवं मुख्यालय जैसे विभिन्न प्रभागों/ कार्यालयों में कार्य किया । इनको नए लड़ाकू विमान के विनिर्माण, ओवरहॉल एवं अपग्रेड संबंधी परियोजना के प्रारंभ से लेकर निष्पादन चरण तक अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका के लिए जाना जाता है । नैगम योजना (कॉरपोरेट प्लानिंग) में अपने कार्यकाल में इन्होंने कंपनी की भावी योजनाओं को तैयार करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभायी है । इन्होंने ओवरहॉल प्रभाग में किरण, हॉक एवं मिराज विमान हेतु रिपेयर एवं ओवरहॉल एवं उन्नयन सुविधाओं की स्थापना में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा की । इन्होंने ओवरहॉल एवं अपग्रेड श्रृंखलाओं के लिए अधिक मूल्य ग्राउंड सपोर्ट एक्विपमेंट/ ग्राउंड हैंडलिंग एक्विपमेंट को स्वदेशी रूप से विकसित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभायी । इन्होंने एचएएल के दो (2) संयुक्त उद्यमों के लिए निदेशक के रूप में सेवा भी की है ।
 
निदेशक (प्रचालन) के रूप में कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व, श्री जयदेव महाप्रबंधक, एलसीए तेजस प्रभाग, बेंगलूर के रूप में कार्यरत थे । उनके कार्यकाल के दौरान, प्रभाग ने सतत रूप से विकास किया एवं वर्ष 2021-22 के दौरान 8 विमानों के उत्पादन को प्राप्त किया । इन्होंने भारतीय उद्योगों से संरचनात्मक एसेंब्ली के स्ट्रैटेजिक आउटसोर्सिंग के साथ महत्त्वपूर्ण कदम उठाया था, जिससे आगे विकास के लिए सहायता मिली । इन्होंने हलका लड़ाकू विमान (एलसीए) के संबंध में प्रतिवर्ष 16 विमानों तक उत्पादन दर को दुगुना करने के लिए उत्पादन गुणवत्ता संवर्धन पहल एवं क्षमता संवर्धन प्रक्रियाओं को प्रारंभ किया एवं एलसीए के लिए सफलतापूर्वक द्वितीय उत्पादन की स्थापना की ।
 
श्री जयदेव ने फरवरी 2021 के दौरान भारतीय वायुसेना (आईएएफ) से 83 एलसीए एमके 1ए संविदा को अंतिम रूप प्रदान करने के लिए महत्त्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया । इस संविदा को बृहत “मेक इन इंडिया” रक्षा संविदा के रूप में पहचाना गया एवं यह भारत में रक्षा पारिस्थितिकी की वृद्धि में सहायक होगी ।
 
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निदेशक (इंजीनियरिंग और अनुसंधान एवं विकास)
 डॉ डी के सुनील
निदेशक (इंजीनियरिंग और अनुसंधान एवं विकास)
डॉ टेस्सी थॉमस
एफएनएई, प्रतिष्ठित वैज्ञानिक एवं महानिदेशक, एरोनॉटिक्ल सिस्टम्स
डॉ टेस्सी थॉमस इनस्टिट्यूट ऑफ आर्नमेंट्स से गाइडेड मिसाइल की विषय के साथ मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर हैं तथा इन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से प्रचालन प्रबंधन में एमबीए भी किया है । इन्हें जवाहरलाल नेहरू टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, हैदराबाद द्वारा मिसाइल गाइडेंस में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) से सम्मानित किया गया है ।
डॉ टेस्सी थॉमस वर्तमान में बैंगलोर के एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूशन में एयरोनॉटिकल सिस्टम्स के महानिदेशक के रूप में कार्यरत हैं तथा डीआरडीओ में 30 वर्षों से भी अधिक सेवा की है। इन्होंने बहु-आयामी भूमिकाएं और जिम्मेदारियां निभायी थीं और गाइडेंस, नियंत्रण, जड़त्व नेविगेशन, ट्राजेक्टरी सिमुलेशन और मिशन डिजाइन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में योगदान दिया था । डॉ टेस्सी थॉमस ने डीआरडीओ में विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यभार संभाले थे, जिसमें अग्नि-4 प्रोजेक्ट हेतु परियोजना निदेशक, लांग रेज अग्नि-5 प्रणाली हेतु परियोजना निदेशक (मिशन), निदेशक, उन्नत प्रणाली प्रयोगशाला, डीआरडीओ शामिल थे।

डॉ टेस्सी थॉमस इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च, तिरुवनंतपुरम और इंडियन सोसाइटी फॉर एडवांसमेंट ऑफ मैटेरियल्स एंड प्रोसेस इंजीनियरिंग, हैदराबाद चाप्टर के गवर्नर बोर्ड के अध्यक्ष हैं। डॉ टेस्सी थॉमस विज्ञान, प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग से संबंधित विभिन्न अन्य व्यावसायिक संस्थानों और सोसाइटी में भी सदस्य हैं।

डॉ टेस्सी थॉमस को विभिन्न प्रतिष्ठित पुरस्कारों / सम्मानों से सम्मानित किया गया है, जिसमें भारत के माननीय राष्ट्रपति से भारत की पहली मिसाइल महिला के लिए 21/01/2018 को "फर्स्ट लेडीज़" अवॉर्ड शामिल है, जो असाधारण महिला के रूप में अपने क्षेत्र की सीमाओं से बढ़कर अपने आपको विकसित किया है ।
 
श्री राजीव प्रकाश
संयुक्त सचिव (नौसेना प्रणाली)
  
गैर-सरकारी (स्वतंत्र) निदेशक
गैर-सरकारी (स्वतंत्र) निदेशक


डॉ. दिव्या गुप्ता को दिनांक 28 दिसंबर 2021 को हमारी कंपनी के बोर्ड में गैर-सरकारी (स्वतंत्र) निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है । यद्यपि, वे सामाजिक कार्यकर्ता एवं व्यावसायिक रूप से डॉक्टर हैं, इनके पास दो कंपनियों में निदेशक के रूप में नैगम कार्यों के प्रबंधन में 36 वर्षों से भी अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने निर्णय लेने के प्रक्रिया में स्वयं को शामिल किया है तथा पणधारियों की धनराशि को बढ़ाने में भी उन्होंने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभायी है ।
वे विभिन्न सामाजिक संगठन में सक्रिय सदस्य भी हैं, जिनमें इन्होंने विशेष रूप से महिलाओं को स्वावलंबी एवं सक्षम बनाने में समाज के लिए अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दिया । वे स्तंभकार हैं एवं सामाजिक मुद्दों के संबंध में समाचार पत्र एवं पत्रिकाओं में नियमित रूप में लेखन कार्य भी करती हैं ।
पूर्व में प्राप्त विभिन्न पुरस्कार एवं मान्यताओं के अलावा, इन्हें, हाल ही में, वर्ष 2021 के दौरान, “डॉ. सरोजिनी नायडू इंटरनेशनल फॉर बेस्ट वर्किंग वूमेन पुरस्कार” प्रदान किया गया ।  
कंपनी के किसी भी अन्य निदेशकों से इनका कोई संबंध नहीं हैं एवं कंपनी में इनकी कोई शेयरधारिता नहीं है ।
 
श्री दीपक आबासाहेब शिंदे
गैर-सरकारी (स्वतंत्र) निदेशक
श्री दीपक आबासाहेब शिंदे को दिनांक 28 अप्रैल 2022 से हमारी कंपनी के बोर्ड में गैर-सरकारी (स्वतंत्र) निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है ।

श्री शिंदे ने शिवाजी विश्वविद्यालय, कोल्हापुर से बीई (सिविल) एवं आईआईटी मद्रास से एम.टेक (सिविल, स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग) की शिक्षा पूरी की है ।

वर्ष 1981 में आईआईटी मद्रास से अपनी स्नातकोत्तर शिक्षा पूर्ण करने के पश्चात, उन्होंने पारिवारिक कंपनी मिराज कांक्रीट वर्क्स में कार्य किया, जिसमें इन्होंने विभिन्न सिंचाई संबंधी पाइपलाइन प्रोजेक्ट को निष्पादित किया । इनको विभिन्न क्षेत्रों में 40 से भी अधिक वर्षों का अनुभव है एवं इन्होंने उक्त अवधि में विभिन्न प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों को भी प्रोन्नत किया है । वे विभिन्न पदों पर व्यावसायिक, औद्योगिक, वित्तीय, शैक्षणिक एवं सामाजिक संगठनों से संबद्ध रहे ।
   
कंपनी के किसी भी अन्य निदेशकों से इनका कोई संबंध नहीं हैं तथा कंपनी में इनकी कोई शेयरधारिता नहीं है ।
श्री जी वी शेषा रेड्डी
कंपनी सचिव
हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड
15/1 कब्बन रोड, पी बी नं.5150
बेंगलूर 560001


श्री जी.वी. शेषा रेड्डी हमारी कंपनी के कंपनी सचिव तथा अनुपालन अधिकारी हैं । वे भारत के कंपनी सचिव (आईसीएसआई) संस्थान के सदस्य हैं । इन्होंने वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय से बी.कॉम की डिग्री प्राप्त की तथा बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री एवं उस्मानिया विश्वविद्यालय से बी.एल की डिग्री भी प्राप्त की । इन्होंने हमारी कंपनी में दिनांक 18 जून, 2015 को कार्यभार ग्रहण किए थे । एचएएल में कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व, रेड्डी के पास अन्य संगठनों में लगभग 25 वर्षों का अनुभव था ।
 
 श्री सजल प्रकाश
मुख्य कार्यपालक अधिकारी (उपसाधन कांप्लेक्स)
  श्री सजल प्रकाश ने दिनांक 01 सितंबर 2019 से लखनऊ स्थित हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ-एसी) के रूप में कार्यभार ग्रहण किया है । श्री सजल प्रकाश ने एचबीटीआई से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक की डिग्री, आईआईटी चेन्नै से विमान उत्पादन अभियांत्रिकी में एम.टेक की स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की तथा आईआईएम, अहमदाबाद से नेतृत्व विकास कार्यक्रम पूरा किया ।

एचएएल के उपसाधन कॉम्प्लेक्स के सीईओ के रूप में, श्री सजल प्रकाश के पास उपसाधन प्रभाग-लखनऊ, एवियॉनिक्स प्रभाग-कोरवा (उ.प्र.), एवियॉनिक्स प्रभाग – हैदराबाद, स्ट्रैटेजिक इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्टरी – कासरगोड़ (केरल), परिवहन वायुयान प्रभाग – कानपुर एवं आगरा स्थित एचएएल डिटैचमेंट के प्रशासनिक नियंत्रण का संपूर्ण दायित्व है । लखनऊ, कोरवा, हैदराबाद एवं कासरगोड़ स्थित संस्थापनाएँ एरो-इंजनों सहित फिक्स्ड विंग एवं रोटरी विंग, दोनों विमानों हेतु उपसाधनों के विनिर्माण एवं मरम्मत /ओवरहॉल में संबद्ध हैं । टीएडी कानपुर प्रभाग एवं आगरा के एचएएल डिटैचमेंट परिवहन वायुयान के विनिर्माण एवं ओवरहॉल से संबद्ध है ।

श्री सजल प्रकाश ने वर्ष 1986 में मैनेजमेंट ट्रेनी (तकनीकी) (XXI बैच) के रूप में हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड में अपना कैरियर प्रारंभ किया । एचएएल में उनके 33 वर्षों के कार्यकाल के दौरान, सीईओ के रूप में उपसाधन कॉम्प्लेक्स में कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व, उन्होंने एचएएल के विभिन्न प्रभागों एवं कार्यालयों में कार्य किया है, जिसमें टीएडी-कानपुर, एचएएल मुख्यालय एवं हेलिकॉप्टर प्रभाग, बेंगलूरु शामिल हैं ।

उक्त पद से पूर्व, वे एचएएल – परिवहन वायुयान प्रभाग, कानपुर के महाप्रबंधक के रूप में कार्यरत थे । उनको परियोजना प्रबंधन, मार्केटिंग, व्यवसाय विकास, सिविल विमान एवं हेलिकॉप्टरों आदि विविध क्षेत्रों में व्यापक अनुभव है । व्यापक एवं विविध अनुभव के साथ, श्री प्रकाश जटिल तकनीकी समस्याओं एवं सामरिक मामलों के संबंध में समाधान ढूँढने में सहायता प्रदान करते रहे हैं ।  इन्होंने महत्त्वपूर्ण जानकारी प्रदान की है एवं सिविल डीओ-228 के विनिर्माण के माध्यम से भारत सरकार के ‘’मेक इन इंडिया’’ स्ट्रैटेजी के संबंध में विस्तृत योगदान भी किया है । अप्रचलन प्रबंधन हेतु स्वदेशीकरण प्रयासों के माध्यम से आत्म निर्भरता एवं स्वावलंबन में वृद्धि तथा उत्पाद-सुधार व लागत में कमी संबंधी वैकल्पिक प्रौद्योगिकी के विकास हेतु रोड-मैप तैयार किया है ।  

              इनके नेतृत्व में, परिवहन वायुयान प्रभाग ने सभी वित्तीय एवं वास्तविक मानदंडों के वार्षिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के साथ साथ विभिन्न प्रकार की चुनौतियों को पूरा किया है तथा एक सशक्त प्रभाग के रूप में उभरा है । श्री प्रकाश ने अनेक ई-पहल कीं, जिनके कार्यान्वयन से प्रणाली परिवर्तन, पारदर्शिता एवं प्रक्रिया में सुधार देखे गए हैं ।
इन्होंने भारत एवं विदेश में व्यापक रूप से यात्रा की है । इनके पास वैश्विक स्तर पर अंतर्राष्ट्रीय विमानन उद्योग के संबंध में अच्छी समझ है । वे पूर्णतः एक टीम प्लेयर हैं, जो टीम के समक्ष एक मिसाल कायम करते हैं तथा वे उत्कृष्ट संप्रेषण–कौशल के साथ एक जिज्ञासु पाठक भी हैं ।  

श्री प्रकाश एरोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया आदि जैसे व्यावसायिक निकायों के सक्रिय सदस्य हैं तथा जुलाई 2017 से अगस्त 2019 तक की अवधि के लिए कानपुर शाखा (उत्तरप्रदेश एवं बिहार चैप्टर) (एईएसआई) के अध्यक्ष भी रहे हैं ।
श्री एस अन्बुवेलन
मुख्य कार्यपालक अधिकारी (हेलिकॉप्टर कांप्लेक्स)
 श्री एस अन्बुवेलन दिनांक 01 अक्टूबर 2020 से मुख्य कार्यपालक अधिकारी, हेलिकॉप्टर कॉम्प्लेक्स के रूप में नियुक्त हुए । वे अलगप्पाचेट्टियार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, कराइकुडी, तमिलनाडु से मैकानिकल इंजीनियरिंग में स्नातक हैं तथा आईआईटी मद्रास से एयरक्राफ्ट प्रोडक्शन इंजीनियरिंग में एम टेक स्नातकोत्तर डिग्री तथा एक्सआईएमई, बेंगलूर से बिजनेस मैनेजमेंट में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त की है ।
श्री एस अन्बुवेलन ने दिनांक 21 जुलाई 1986 को 21 वीं बैच के मैनेजमेंट ट्रेनी के रूप में हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड में कार्यभार ग्रहण किया तथा एचएएल के साथ 34 वर्षों से संबद्ध रहे हैं । अधिशासी निदेशक, हेलिकॉप्टर प्रभाग के रूप में जुलाई 2020 को इनकी पदोन्नति हुई । पदोन्नति से पूर्व, श्री अन्बुवेलन ने एचएएल के विभिन्न महत्त्वपूर्ण पदों पर सेवा की है ।
हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेज में इनके कार्यकाल के दौरान इनकी उपलब्धियों में कुछेक हैं – एएलएच के इंटिग्रेटेड ट्रांसमिशन एसेंब्ली की प्रोडक्शनाइजिंग, एएलएच गियर बॉक्स के उत्पादन में गति लाना, एएलएच के विनिर्माण के दौरान त्रुटियों को कम करना, व्यक्तिगत विकास को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों के प्रशिक्षण व विकास, आर 29 एवं आर 29बी के लिए वेब पोर्टल का उपयोग करते हुए बाह्यस्रोतन प्रबंधन, बैरकपुर में चीता एवं चेतक हेलिकॉप्टरों के आरओएच में गुणवत्ता सुधार आदि शामिल हैं । एएलएच उत्पादन को कारगर बनाना, हेलिकॉप्टर उत्पादों के विनिर्माण एवं एसेंब्ली के क्षेत्र में अत्याधुनिक प्रोद्योगिकियों का कार्यान्वयन आदि ।
श्री अन्बुवेलन ने ऑप्टिमाइजेशन, विनिर्माण, गुणवत्ता एवं आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन के अंतिम प्रक्रिया में अत्यधिक विशेषज्ञता लाई है, जो हमारी कंपनी के लिए उत्पादन सक्षमता के उन्नत स्तरों में पहुँचने के लिए महत्त्वपूर्ण कदम है ।
एचएएल उत्पादों एवं सेवाओं के बृहत पोर्टफोलियो के संबंध में इनकी अंतर्दृष्टि के साथ साथ विनिर्माण एवं उत्पादन में इनके विविधतापूर्ण नेतृत्व भारतीय रक्षा एवं सिविल हेलिकॉप्टर बाजार में अद्यतन विकास के लिए हेलिकॉप्टर कॉम्प्लेक्स को सहायता प्रदान करेगा ।
 
श्री दिब्येंदु मैती
मुख्य कार्यपालक अधिकारी (मिग कांप्लेक्स)
    
श्री दिब्येंदु मैती ने दिनांक 1 जुलाई 2021 से मुख्य कार्यपालक अधिकारी, मिग कॉम्प्लेक्स के रूप में कार्यभार ग्रहण किया । इससे पूर्व, वे मुख्यालय में अधिशासी निदेशक (नैगम योजना) के पद पर कार्यरत थे ।

श्री दिब्येंदु मैती ने आरईसी दुर्गापुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक एवं आईआईटी मद्रास से एयरक्राफ्ट प्रोडक्शन इंजीनियरिंग में एम.टेक डिग्री पूरी की । इन्होंने ईएनएसएई, टौलौस, फ्रांस से एरोस्पेस एंड टेक्नोलॉजी में एमएस डिग्री प्राप्त की है । इन्होंने वर्ष 1985 में एचएएल में मैनेजमेंट ट्रेनी (तकनीकी) के रूप में कार्यभार ग्रहण किया एवं इनके पास विभिन्न महत्त्वपूर्ण पदों पर 35 वर्षों का अनुभव है ।

एचएएल में 35 वर्ष के इनके कार्यकाल के दौरान, इन्होंने नासिक प्रभाग, मिग कॉम्प्लेक्स कार्यालय एवं मुख्यालय में विभिन्न क्षेत्रों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है । इन्होंने आरडी-33 इंजन उपसाधनों एवं बिसन अपग्रेड के लिए उच्चतम जटिल टेस्ट रिग्स के स्वदेशी विकास की ओर महत्त्वपूर्ण योगदान दिया । इन्होंने सु-30 एमकेआई विमान की आरओएच सुविधाओं की स्थापना में प्रमुख भूमिका निभायी, जो दुनिया में विमान हेतु पहली आरओएच लाइन है । इन्होंने 15 से 20 विमानों तक आरओएच फेसिलिटीज के संवर्धन के लिए प्रोजेक्ट का नेतृत्व भी किया । मिग कॉम्प्लेक्स में इनके कार्यकाल के दौरान, इन्होनें पूर्व इंडो रशियन सब-ग्रुप ऑव एवियेशन (आईआरएसए) में सचिव का पद भी  संभाला ।

मुख्यालय में इनके कार्यकाल के दौरान, इन्होंने 'परस्पेक्टिव प्लान 2021-2030', एचएएल के संबंध में विविधीकरण परियोजनाओं की पहचान, विभिन्न महत्त्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) के हस्ताक्षर में गति प्रदान करने एवं कई आपूर्ति श्रृंखला व परियोजना संबंधी मामलों को समाधान देने जैसे कार्यकलापों में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा की ।

इनके पास विभिन्न पणधारियों को शामिल करते हुए कई जटिल परियोजनाओं के प्रबंधन में तथा भारतीय वायुसेना, भारतीय नौसेना, रक्षा मंत्रालय एवं कई विदेशी ग्राहक जैसे ग्राहकों के साथ कार्य करने का व्यापक अनुभव है ।

इनके पास कंपनी के कोई शेयर नहीं है ।
 
मुख्य कार्यपालक अधिकारी (बैंगलोर कांप्लेक्स)